जानकी कोल की सेहत में सकारात्मक सुधार
जानकी कोल की सेहत में सकारात्मक सुधार
संघर्ष जीवन में कई बार इतना बड़ा होता है कि हम सब सच्चाई जानते हुए भी उससे मुंह फेरे बैठे रहते हैं। ऐसी ही एक कहानी है जानकी कोल की। जानकी कोल की मां का नाम शीतला कोल और पिता का नाम राम किशन कोल है। यह परिवार सतना जिले के अंतर्गत रामपुर बघेलान परियोजना के सेक्टर चोरहटा के आंगनबाड़ी केन्द्र इटमा नवीन परिक्षेत्र में रहता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती मिथलेश सिंह ने दो साल तीन महीने की जानकी का वजन और लम्बाई का माप लिया जो 19 जून 2023 में साढ़े पांच किलोग्राम और ऊंचाई/ लम्बाई 67 सेमी थी।
कार्यकर्ता द्वारा माता-पिता को समझाइश दी गयी कि आपकी बच्ची अति कुपोषित की श्रेणी में आ रही है लिहाजा उसे तत्काल प्रभाव से रामपुर बघेलान स्थित पोषण पुनर्वास केन्द्र में इस बच्ची को भर्ती कराया जाए। लेकिन माता-पिता ने कार्यकर्ता की बात को महत्व नहीं दिया। कार्यकर्ता द्वारा सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती सावित्री विश्वकर्मा को पूरी स्थिति से अवगत कराया गया। इस पर पर्यवेक्षक के द्वारा संज्ञान लिया गया और अगले ही दिन विजिट कर हितग्राही के माता-पिता की काउंसलिंग की गई और कुपोषण की गंभीरता एवं कुपोषण का बच्ची के भविष्य पर पड़ने वाले खतरनाक प्रभाव के बारे में बताया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सक्रियता का नतीजा यह रहा कि बच्ची के माता-पिता ने पर्यवेक्षक की बात मान ली और बच्ची को पोषण पुनर्वास केन्द्र पर भर्ती कराया गया। भर्ती होने के 14 दिन के भीतर ही बच्ची के स्वास्थ्य में पहले से काफी सुधार हुआ और बच्ची पहले की अपेक्षा स्वस्थ दिखने लगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा उसका साप्ताहिक फॉलोअप लिया गया एवं आंगनबाड़ी केन्द्र पर बच्ची को थर्ड मील दिया गया। जिसके उपरांत बच्ची के वजन में सकारात्मक सुधार हुआ और बच्ची का वजन बढ़कर 13.04.2024 में 7.8 किलो एवं उंचाई / लंबाई 73 सेमी हो गयी।
बच्चे की सेहत में आए सुधार को देखकर उसके माता-पिता बहुत खुश हुए उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापन किया। यह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सतत् प्रयास का नतीजा है कि बच्चे की सेहत में समय रहते सुधार हो पाया।
