आंगनवाडी केंद्र कुपड़ा- कुपोषण मुक्त ग्राम हेतु प्रयास
पोषण ट्रैकर एप की मदद से बच्चों की सेहत की दिशा में अद्भुत कार्य किया जा रहा है। ताकि कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे, क्योंकि बच्चे ही हमारे देश की नींव हैं, कर्णधार हैं, भविष्य हैं लिहाजा उनकी सेहत को सर्वोपरि रखा जा रहा है और आंगनबाड़ी केंद्र अपनी इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहा है। आंगनवाडी केंद्र कुपड़ा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बगदु बाई भाभर और सहायिका रमतुबाई इस अभियान में जी-तोड़ जुटी हैं उसका नतीजा यह है कि बच्चे कुपोषण से मुक्त हो रहे हैं।
रतलाम जिले की परियोजना सैलाना के सेक्टर सकरावदा में नवम्बर, 2023 माह में शारीरिक माप अभियान के दौरान पोषण ट्रैकर एप में कुल 69 सैम बच्चे दर्ज हुए। इनमें से 1 बालिका गुड्डी जिसका जन्म 13 जून 2022 को हुआ था। आंगनवाडी कार्यकर्ता द्वारा शारीरिक माप अभियान के दौरान दिनांक 12 नवम्बर 2023 को बालिका गुड्डी का वजन 10.5 किलो तथा लम्बाई 97 सेमी पायी गई, इस तरह बच्ची SAM श्रेणी में पायी गई। बालिका की भूख की जांच भी की गई जिसमें बालिका को खाली पेट ऊपरी आहार निर्धारित मात्रा में दिया गया, जिसे बालिका पूर्ण रूप से नहीं खा पायी। इस कारण बालिका के परिवार को सलाह दी गई कि बच्चे को दिन में 4 से 5 बार खाना खिलाएं। ए.एन.एम. द्वारा कुछ दवाईयाँ जैसे मल्टीविटामिन, आयरन सिरप, एमोक्सीसिलिन सिरप बच्चे को देने के लिये कहा गया। यह परिवार कुपड़ा आंगनबाड़ी केंद्र का हितग्राही है। इस बालिका का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। माता-पिता बहुत ही दुविधा में थे कि वे बच्ची की सेहत पर ज्यादा ध्यान दें अथवा अपनी आमदनी के बारे में सोचें क्योंकि माता-पिता दोनों ही मजदूरी करते हैं लिहाजा बच्चे की सेहत के लिए समय निकालना दोनों के लिए मुश्किल हो रहा था।
आंगनवाडी कार्यकर्ता ने सारी परिस्थिति को समझा और बच्ची की मां को बच्ची के स्वास्थ्य और पोषण के बारे में समझाया। यह भी बताया कि अभी गुड्डी के बढ़ने की उम्र है , अभी ध्यान नहीं दिया तो जिंदगी भर मुश्किल होगी। इसका नतीजा यह हुआ कि मां सीमा अपनीबच्ची गुड्डी को प्रतिदिन आंगनवाडी केन्द्र पर लाने के लिए राजी हो गयी।
आंगनवाडी कार्यकर्ता ने इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखी और बच्ची का प्रत्येक सप्ताह फॉलोअप लिया। हर सप्ताह बच्ची का वजन और लंबाई नापी गयी। इस प्रयास का नतीजा यह हुआ कि जल्द ही गुड्डी SAM से MAM में और MAM से सामान्य में आ गई । 10 फॉलोअप के बाद उस बच्ची की लंबाई बढ़कर 99 सेमी और वजन 12.5 किलो हो गया और बच्ची सामान्य श्रेणी में आ गई। बच्ची की सेहत सामान्य श्रेणी में आने पर माता-पिता ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की प्रयासों की सराहना की। आंगनवाडी केन्द्र पर दी गई सेवाओं और पोषण ट्रेकर एप से मिली जानकारी की प्रशंसा की। अब सीमा की बच्ची गुड्डी पूर्णतः स्वस्थ है और सामान्य श्रेणी में है। सीमा पूर्व में बताए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार अपनी बच्ची का ध्यान रख रही है। आंगनवाडी केंद्र कुपड़ा अब कुपोषण मुक्त ग्राम है.

बेबी गुड्डी की तरह ही सेक्टर सकरावदा के और बच्चे भी कुपोषण की श्रेणी से बाहर आ रहे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बगदु बाई भाभर बच्चों की आंगनवाडी केंद्र पर उपस्थिति बढ़ाने के लिए मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न गतिविधियों एवं सुविधाओं को उपलब्ध कराती है। जैसे खिलौना घर, आकर्षक साज़-सज्जा, पोषण वाटिका का निर्माण, हितग्राहियों का नियमित एवं सामायिक पंजीयन, पोषण आहार का नियमित वितरण, सामुदायिक उत्सव का आयोजन आदि।
