इंदौर में झाड़ियों में मिला मासूम अमेरिका में पलेगा
- स्ट्रीट डॉग ने बुरी तरह नोचा था, जिस डॉक्टर ने गोद लिया वे भी एडॉप्ट किए गए थे
- समुदाय शासकीय एवं स्वैछिक संघटनों के प्रयास सराहनीय
- दत्तक माता पिता का प्रयास और कदम अनुकरणीय और प्रणम्य
मध्यप्रदेश के इंदौर में डेढ़ साल पहले झाड़ियों में मिले एक बच्चे को अमेरिका के डॉक्टर ने गोद लिया है। बच्चे को स्ट्रीट डॉग ने बुरी तरह नोच दिया था, जिससे उसका प्राइवेट पार्ट को गंभीर चोट पहुंची। अब ये बच्चा थर्ड जेंडर की कैटगरी में है। मूल जेंडर के लिए उसका 15 साल की उम्र के बाद ट्रीटमेंट किया जा सकेगा। दरअसल, अमेरिकन डॉक्टर स्पेशल डिसीज के एक्सपर्ट हैं और बचपन में उनको भी एक दंपती ने गोद लिया था। डॉक्टर के तीन भाइयों को भी अलग-अलग परिवारों में गोद लिया था। डॉक्टर स्वयं इससे पहले दो लड़कियों को गोद ले चुके हैं। दोनों बेटियां अब बड़ी हो गई हैं। डॉक्टर जब इंदौर आए तो बेटियां उनके साथ थीं।
जनवरी 2023 में इंदौर के सी.एच.सी. हॉस्पिटल के पास झाड़ियों से एक बच्चे के रोने की आवाज आई। किसी ने उसकी आवाज सुनी और झाड़ियों के पास गया। देखा तो बच्चा पॉलीथिन में था और उसे स्ट्रीट डॉग नोच रहे थे। वहां और भी लोग पहुंच गए। सभी ने कुत्ते को भगाया और पुलिस को सूचना दी। अफसरों ने देखा तो उसका सिर, पेट, पैर और प्राइवेट पार्ट बुरी तरह नोचा हुआ था। बच्चे को गंभीर हालत में इंदौर के एम.टी.एच. चिकित्सालय की नर्सरी विभाग में भर्ती कराया गया। बच्चे के शरीर के कई अंगो पर खरोच ¼Multiple Abrasions) के निशान थे एवं बच्चे के अण्डकोश नही थे। यहां डेढ़ महीने तक उसका इलाज चला।
बच्चा कमजोर हो गया था। उसे यूरिन सहित कई समस्याएं हो गई थीं। हालत में हल्का सुधार होने पर संजीवनी सेवा संगम इंदौर रेफर कर दिया गया। चार-पांच दिन बाद फिर तबीयत बिगड़ी, तो प्राइवेट अस्पताल ले गए जहां दो महीने इलाज चला। यहां के डॉक्टरों ने बताया कि कुत्तों ने जांघ के आसपास ऐसे नोचा है कि बच्चे का कोई मूल जेंडर नहीं रह गया। अंदरूनी हिस्से भी बुरी तरह प्रभावित हैं। बच्चा अब थर्ड जेंडर कैटेगरी में है।
बालक राजवीर (संस्था संजीवनी सेवा संगम इंदौर द्वारा दिया गया नाम) का बाल कल्याण समिति, इंदौर में प्रवेश आदेश जारी किया गया। बालक के जैविक माता पिता की खोज हेतु संस्था द्वारा समाचार पत्र में जाहिर सूचना प्रकाशित की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बालक राजवीर को बाल कल्याण समिति जिला इंदौर द्वारा दत्तक ग्रहण हेतु विधिमुक्त किया गया। बालक के विधिमुक्त आदेश कारा पोर्टल https://cara.wcd.gov.in/ पर अपडेट किया गया।
करीब डेढ़ साल बाद सरकारी प्रोसेस के जरिए स्पेशल चाइल्ड कैटेगरी देख अमेरिकन दंपती ने उसे पालने का प्रस्ताव दिया, इसके पीछे कारण भी बताए। अमेरिकी मूल के दत्तक दम्पत्ति द्वारा बालक राजवीर को दत्तक ग्रहण हेतु दिनांक 29.09.2023 रिज़र्व किया गया। दिनांक 27.10.2023 को बालक को माता पिता द्वारा स्वीकार किया गया। राजवीर के अन्तर देशीय दत्तक ग्रहण की कार्यवाही हेतु कारा द्वारा एन.ओ.सी. जारी किया गया।
दत्तक माता पिता अमेरिकन दंपती इंदौर संस्था में उपस्थित हुए एवं बच्चे के साथ कुछ समय व्यतीत किया। दिनांक 24.04.2024 को संस्था में जिला बाल संरक्षण अधिकारी की उपस्थिति में बालक को दत्तक माता पिता के सुपुर्द किया गया। वर्तमान में बालक राजवीर अपने दत्तक माता-पिता के साथ अमेरिका में निवासरत है।
दत्तक माता पिता अमेरिकन दंपती डॉक्टर ने इंदौर में कहा कि वे हालात के मारे स्पेशल चाइल्ड को पालना चाहते हैं। ऐसे बच्चे उन्हें खुद की जिंदगी से जुड़े लगते हैं।
यह घटना समाज के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है. सरकार द्वारा अनेकों योजनाएं चलाई जा रही हैं. फिर भी मासूमों को कचरे जैसा फेक दिया जाता है. समुदाय की सजगता और शासकीय एवं स्वैछिक संघटनों के प्रयास सराहनीय हैं. परन्तु दत्तक माता पिता का प्रयास और कदम अनुकरणीय और प्रणम्य है.
